डी एल एस महाविद्यालय में विज्ञान, प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विषय पर अकादमिक परिचर्चा के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया II
डी एल एस महाविद्यालय में विज्ञान, प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी विषय पर अकादमिक परिचर्चा के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान माला का आयोजन किया गया इसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफे. देव डी .शर्मा (प्रेसिडेंट ग्लोबल नॉलेज फाऊंडेशन यू एस ए), विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा (यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड ईस्टर्न शोर, वर्जीनिया) व प्रोफेसर डेनियल ओकेनबोर (फेयतिविल स्टेट् यूनिवर्सिटी यूएसए) रहे। विदित हो कि इन सभी प्रोफेसर्स का अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में पिछले दिनों सम्पन्न हुए सेमिनार में भारत आगमन हुआ था। डी एल एस में कार्यक्रम का आरंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया। उन्होंने सेंट्रल लैब का उद्घाटन किया व स्व बसन्त शर्मा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राचार्य डॉ रंजना चर्तुवेदी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज का दिन छात्र छात्राओं को सीखने व अंतरराष्ट्रीय मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।चेयरमैन श्रीमति निशा बसंत शर्मा ने कहा कि संस्थापक अध्यक्ष श्रद्धेय बसन्त शर्मा इस महाविद्यालय को एक वैश्विक इकाई के रूप में बनाना चाहते रहे, ऐसे आयोजन उसी उद्देश्य की  पूर्ति में सहायक हैं। नैक कोऑर्डिनेटर डॉ. नेहा बेहार ने महाविद्यालय की स्थापना वर्ष से लेकर वर्तमान समय तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।प्रोफेसर डेनियल ओकेनबोर ने कहा कि डी एल एस का विज़न और सामाजिक योगदान शानदार है। उन्होंने छात्र छात्राओं को कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। प्रोफेसर राकेश कुमार शर्मा ने अपने व्याख्यान में छात्रों को आश्वासन दिया जो छात्र अमेरिका में जाकर पढ़ाई करना चाहते है उनके सहयोग के लिए वे सदैव व्यक्तिगत रूप से सहयोग प्रदान करेंगे । मुख्य वक्ता प्रोफेसर देव डी शर्मा ने अमेरिका में अपने संघर्षों को स्मरण करते हुए बताया कि जीवन में असम्भव कुछ भी नहीं है, आकाश ही युवाओं की अंतिम सीमा होनी चाहिए। वर्तमान में भारत में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ने काफी विकास किया है, आज युवाओं के लिए आवश्यक है कि वे अपडेट रहें व सम्पूर्ण विश्व में अपनी प्रतिभाओं के नए आयाम ढूंढें। उन्होंने छात्र छात्राओं के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि हिंदुस्तान में प्रतिभा की कमी नही है। अतिथियों ने  महाविद्यालय के ग्रीन कैम्पस और अतिथि सत्कार की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। अतिथियों का शॉल, श्रीफल व स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। परिचर्चा का सफल संचालन डॉ प्रताप पाण्डेय ने किया। राज्य गीत का गायन संस्कृति शास्त्री ने व आभार प्रदर्शन डॉ. गीता ने किया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक सतीश शर्मा, सचिव उमेश जाधव, सी ई ओ राकेश दीक्षित, सुनीता द्विवेदी, संजय दुबे, डॉ. गीता तिवारी, राजेश ठाकुर, डॉ. प्रीति मिश्रा, वंदना तिवारी, डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. अनीता बघेल, संगीता बंजारे, मुक्ता कुमारी, वीणा राठौर, अर्चना तिवारी, सुष्मिता मिश्रा, डॉ. गीता होता, मिठु अधिकारी,  नेहा बेहार , रसिका लोणकर,  नाजनीन खान, वर्षा श्रीवास,  साक्षी श्रीवास,  मिनीगुप्ता, काजल गुुप्ता,  अविनाश निर्मलकर, शेख अफरीदी, टीकाराम पटेल,  आकांक्षा शर्मा, खुशबू केशरवानी,  महिमा जाधव , चैतन्या जाधव,  विनिता सराफ, सुधा कश्यप,  ओम प्रकाश साहू, नेहा सोनी, अजीत कस्तूरिया, राकेश शर्मा, नीतिश शर्मा, महेश जांगड़े, हितेश जायसवाल, भानुप्रताप सिंह, धरमपाल पोर्ते, पुरुषोत्तम देवांगन, सत्येंद्र कैवर्त्य, आशुतोष साहू,  इंद्रकुमार कैवर्त्य, संजय कौशिक आदि स्टाफ, रासेयो स्वयंसेवकगण व छात्रगण उपस्थित रहे।
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