Bilaspur, Chhattisgarh
Dr. Pratap Kumar Pandey
हमारे महाविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य उच्च शिक्षा के माध्यम से समाज का सकारात्मक निर्माण करना रहा है। हम नवयुवा पीढ़ी को ऐसी समग्र शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो उन्हें बौद्धिक रूप से प्रखर, नैतिक रूप से सुदृढ़ व सामाजिक रूप से एक उत्तरदायित्वपूर्ण नागरिक बना सके।
स्वामी विवेकानन्द कहा करते थे "शिक्षा आन्तरिक शक्तियों का प्रकटीकरण है।"
आज का युग केवल सूचना का नहीं बल्कि ज्ञान, नवाचार, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों का युग है।
बदलती वैश्विक परिस्थितियों में मात्र रोजगार प्राप्त करना ही बल्कि नवीन शिक्षा नीति के माध्यम से जागरूक, संवेदनशील और सृजनशील मेधा का निर्माण ही वरेण्य है।
हमारा महाविद्यालय इसी महान ध्येय को अपना प्रकाश स्तम्भ मानकर निरन्तर अग्रसर है। यह प्रतिभाओं के संवर्द्धन, विचारों के परिष्कार व व्यक्तित्व के निर्माण की एक जीवन्त प्रयोगशाला है। यहाँ उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण, अनुभवी व समर्पित प्राध्यापकों का मार्गदर्शन, वैज्ञानिक दृष्टि, अनुसन्धान, नवाचार, सांस्कृतिक साहित्यिक व खेल गतिविधियों के माध्यम से सर्वांगीण विकास का मंच प्रदान किया जाता है।
मैं अपने नवागत विद्यार्थियों से कहना चाहता हूँ कि इस महाविद्यालय का हिस्सा बनना आपके जीवन की दिशा में एक परिवर्तनकारी मोड़ साबित होगा।
राष्ट्र का भविष्य आपके हाथों में है इसलिए स्वयं को केवल सफल ही नहीं बल्कि सार्थक बनने का भी संकल्प कीजिए। आइए हम सब मिलकर समाज को ज्ञान व संस्कार से सम्पन्न परिष्कृत व आत्मविश्वासी व्यक्तित्व की उस परम्परा को पुनर्जागृत करें जो हमारे भारत को जगदगुरू बनाने हेतु कृतसंकल्पित हैं।
सप्रेम व शुभाशीष सहित……
प्राचार्य
(डॉ. प्रताप कुमार पाण्डेय)
डी.एल.एस. पी.जी. कॉलेज, बिलासपुर (छ.ग.)।